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कौन-सा मोतियाबिंद का लेंस सबसे अच्छा है? Monofocal vs Multifocal vs EDOF | वाराणसी

Medically reviewed by Dr. Shantanu Kumar GuptaLast updated 07 Jun 2024· 5 min read

मोतियाबिंद के ऑपरेशन में कौन-सा लेंस लगवाएं? Monofocal, Multifocal और EDOF लेंस का अंतर आसान हिंदी में समझिए। सही लेंस कैसे चुनें, जानिए डॉ. शांतनु कुमार गुप्ता से।

कौन-सा मोतियाबिंद का लेंस सबसे अच्छा है? Monofocal, Multifocal या EDOF – आसान भाषा में समझिए

लेखक: डॉ. शांतनु कुमार गुप्ता मोतियाबिंद एवं रेटिना विशेषज्ञ शांतनु नेत्रालय, वाराणसी

"डॉक्टर साहब, सबसे अच्छा लेंस कौन-सा है?"

यह शायद मोतियाबिंद के मरीजों द्वारा पूछा जाने वाला सबसे आम सवाल है।

कई बार मरीज कुर्सी पर बैठते ही पूछते हैं—

"डॉक्टर साहब, सबसे बढ़िया वाला लेंस लगा दीजिए।"

कुछ लोग कहते हैं,

"ऐसा लेंस लगाइए कि जिंदगी भर चश्मा न लगे।"

तो कुछ लोग अपने पड़ोसी का उदाहरण देते हैं—

"हमारे गाँव में शर्मा जी ने 60 हजार वाला लेंस लगवाया है। क्या वही सबसे अच्छा है?"

मैं मुस्कुराकर उनसे एक ही बात कहता हूँ—

"दुनिया का सबसे अच्छा लेंस नहीं होता, आपके लिए सबसे उपयुक्त लेंस होता है।"

यही बात समझना सबसे ज़रूरी है।

पहले यह समझिए कि मोतियाबिंद के ऑपरेशन में होता क्या है?

मोतियाबिंद में आँख का प्राकृतिक लेंस धुंधला हो जाता है।

ऑपरेशन के दौरान इस धुंधले लेंस को निकालकर उसकी जगह एक नया Artificial Lens (IOL) लगाया जाता है।

यही नया लेंस आपकी आगे की दृष्टि तय करता है।

आज मुख्य रूप से तीन प्रकार के लेंस लगाए जाते हैं Monofocal Lens Multifocal Lens EDOF (Extended Depth of Focus) Lens

आइए इन्हें बहुत आसान भाषा में समझते हैं।

1. Monofocal Lens – सबसे भरोसेमंद और सबसे अधिक लगाया जाने वाला लेंस

यदि आप भारत में होने वाले अधिकांश सफल मोतियाबिंद ऑपरेशन देखें, तो उनमें Monofocal Lens ही लगाया जाता है।

इस लेंस की सबसे बड़ी विशेषता है—

यह एक दूरी पर बहुत अच्छी और स्पष्ट दृष्टि देता है।

आमतौर पर इसे दूर देखने के लिए सेट किया जाता है।

इसका मतलब—

✅ सड़क पर साफ दिखाई देगा।

✅ टीवी अच्छी तरह दिखाई देगा।

✅ बाहर आने-जाने में परेशानी नहीं होगी।

लेकिन...

📖 अखबार पढ़ने या मोबाइल देखने के लिए अधिकांश लोगों को पढ़ने का चश्मा लगाना पड़ सकता है।

किन लोगों के लिए अच्छा? जिनकी उम्र अधिक है। जिनकी आँख में रेटिना की बीमारी है। डायबिटीज़ के मरीज। जिन्हें सबसे स्पष्ट और भरोसेमंद दृष्टि चाहिए। जिन्हें रात में वाहन चलाना पड़ता है। 2. Multifocal Lens – दूर भी, पास भी

इस लेंस को इस तरह बनाया गया है कि मरीज दूर और पास दोनों देखने की कोशिश कर सके।

कई लोगों को चश्मे की आवश्यकता काफी कम हो जाती है।

लेकिन यहाँ एक महत्वपूर्ण बात है।

हर व्यक्ति इस लेंस के लिए उपयुक्त नहीं होता।

कुछ मरीजों को रात में गाड़ी चलाते समय लाइट के चारों ओर चमक (Glare) या गोल-गोल घेरे (Halos) दिखाई दे सकते हैं।

कुछ लोगों को इनकी आदत हो जाती है, कुछ को नहीं।

इसलिए केवल महंगा होने का मतलब यह नहीं कि यही सबसे अच्छा विकल्प है।

3. EDOF Lens – नई तकनीक, संतुलित विकल्प

पिछले कुछ वर्षों में EDOF लेंस काफी लोकप्रिय हुए हैं।

सरल भाषा में कहें तो यह Monofocal और Multifocal के बीच का संतुलित विकल्प है।

इसमें—

✅ दूर की दृष्टि बहुत अच्छी रहती है।

✅ कम्प्यूटर या किचन जैसी मध्यम दूरी भी अच्छी रहती है।

✅ चश्मे की आवश्यकता कम हो सकती है।

✅ Multifocal की तुलना में Glare और Halos की समस्या अपेक्षाकृत कम हो सकती है।

लेकिन...

बहुत छोटे अक्षर पढ़ने के लिए कुछ मरीजों को फिर भी चश्मे की आवश्यकता पड़ सकती है।

तो सबसे अच्छा लेंस कौन-सा है?

इस प्रश्न का उत्तर एक उदाहरण से समझिए।

मान लीजिए तीन लोग मेरे पास आए।

पहला मरीज

70 वर्ष के किसान हैं।

उन्हें खेत जाना है, मंदिर जाना है, टीवी देखना है।

उन्हें पढ़ने का ज्यादा काम नहीं है।

ऐसे मरीज के लिए Monofocal Lens अक्सर सबसे अच्छा विकल्प हो सकता है।

दूसरा मरीज

55 वर्ष के बैंक मैनेजर हैं।

दिनभर कम्प्यूटर पर काम करते हैं।

बार-बार चश्मा बदलना नहीं चाहते।

ऐसे मरीज के लिए EDOF Lens अच्छा विकल्प हो सकता है।

तीसरी मरीज

52 वर्ष की शिक्षिका हैं।

उन्हें पढ़ना, लिखना, मोबाइल चलाना और यात्रा करना पसंद है।

यदि उनकी आँख पूरी तरह स्वस्थ है, तो Multifocal Lens पर विचार किया जा सकता है।

क्या महंगा लेंस हमेशा बेहतर होता है?

बिलकुल नहीं।

यह सबसे बड़ा भ्रम है।

मैंने ऐसे मरीज भी देखे हैं जो साधारण Monofocal लेंस लगवाकर वर्षों से बहुत संतुष्ट हैं।

और ऐसे मरीज भी मिले हैं जिन्होंने प्रीमियम लेंस लगवाया, लेकिन उनकी उम्मीदें वास्तविकता से अलग थीं।

इसलिए सही सलाह सबसे महत्वपूर्ण है।

रेटिना की बीमारी हो तो क्या होगा?

यह एक बहुत महत्वपूर्ण बात है जिसे कई लोग नहीं जानते।

यदि मरीज को—

डायबिटिक रेटिनोपैथी मैक्युलर डिजनरेशन रेटिना में सूजन रेटिना की अन्य बीमारियाँ

हैं, तो हर प्रकार का प्रीमियम लेंस उपयुक्त नहीं होता।

इसीलिए मोतियाबिंद के ऑपरेशन से पहले रेटिना की जाँच और आवश्यकता होने पर OCT स्कैन कराना बहुत ज़रूरी है।

कई बार सही लेंस चुनने से पहले रेटिना का इलाज करना अधिक महत्वपूर्ण होता है।

शांतनु नेत्रालय में हम लेंस कैसे चुनते हैं?

मरीज अक्सर पूछते हैं—

"डॉक्टर साहब, आप कौन-सा लेंस लगवाने की सलाह देंगे?"

मेरा उत्तर हमेशा एक जैसा होता है—

"जो लेंस आपकी आँख, आपकी जरूरत और आपके जीवन के लिए सबसे उपयुक्त होगा।"

हम केवल लेंस की कीमत नहीं देखते।

हम देखते हैं—

आपकी उम्र आपका पेशा आपकी दिनचर्या आपको कितना पढ़ना पड़ता है रात में गाड़ी चलाते हैं या नहीं आपकी रेटिना स्वस्थ है या नहीं कॉर्निया की स्थिति आपकी अपेक्षाएँ

इसके बाद ही हम लेंस की सलाह देते हैं।

मेरी मरीजों से एक विनती

कृपया केवल यह मत पूछिए—

"सबसे महंगा लेंस कौन-सा है?"

उससे ज़्यादा महत्वपूर्ण सवाल है—

"मेरी आँख के लिए सबसे सही लेंस कौन-सा है?"

दोनों प्रश्नों में बहुत अंतर है।

सही लेंस वही है जिससे आपको वर्षों तक आरामदायक, स्पष्ट और संतोषजनक दृष्टि मिले।

डॉ. शांतनु कुमार गुप्ता की ओर से

मेरे लिए हर मरीज अलग है।

मैं कभी भी केवल इसलिए कोई प्रीमियम लेंस नहीं सुझाता क्योंकि वह महंगा है।

और न ही केवल कम कीमत देखकर साधारण लेंस लगाने की सलाह देता हूँ।

यदि मैं अपने माता-पिता का ऑपरेशन कर रहा होता, तो उनकी आँख की स्थिति देखकर जो लेंस चुनता, वही सलाह मैं अपने हर मरीज को देता हूँ।

यही हमारी सोच है।

ईमानदार सलाह। आधुनिक तकनीक। व्यक्तिगत देखभाल।

निष्कर्ष

Monofocal, Multifocal और EDOF—तीनों लेंस अच्छे हैं।

कोई भी लेंस हर मरीज के लिए सबसे अच्छा नहीं होता।

सबसे अच्छा लेंस वही है जो आपकी आँख, आपकी जीवनशैली और आपकी अपेक्षाओं के अनुसार चुना जाए।

इसलिए मोतियाबिंद के ऑपरेशन से पहले जल्दबाज़ी में निर्णय न लें।

एक अनुभवी नेत्र विशेषज्ञ से अपनी सभी शंकाओं पर खुलकर चर्चा करें और उसके बाद ही सही लेंस का चयन करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

क्या महंगा लेंस हमेशा बेहतर होता है? नहीं। सही लेंस आपकी आँख की स्थिति और जरूरत पर निर्भर करता है।

क्या प्रीमियम लेंस लगवाने के बाद कभी चश्मा नहीं लगेगा? ज़रूरी नहीं। कई मरीजों में चश्मे की आवश्यकता कम हो जाती है, लेकिन पूरी तरह समाप्त होने की गारंटी नहीं दी जा सकती।

क्या डायबिटीज़ के मरीज प्रीमियम लेंस लगवा सकते हैं? यह रेटिना की स्थिति पर निर्भर करता है। पहले रेटिना की जाँच आवश्यक है।

क्या लेंस चुनने से पहले OCT स्कैन ज़रूरी है? यदि रेटिना की बीमारी की आशंका हो या मरीज डायबिटीज़ से पीड़ित हो, तो OCT स्कैन सही निर्णय लेने में बहुत मदद करता है।

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Medical disclaimer

This article is for patient education. It is not a substitute for personalised medical advice, examination or diagnosis. If you have symptoms discussed here, please book an in-person consultation with a qualified ophthalmologist.

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Dr. Shantanu Kumar Gupta
Written & medically reviewed by
Dr. Shantanu Kumar Gupta
MBBS, MS, DNB, FICO (Merit)

Consultant Ophthalmologist at Shantanu Netralaya Eye Hospital, Varanasi. New Delhi (MAMC / Guru Nanak Eye Centre) trained cataract, cornea and medical retina specialist. FICO (Merit).