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डायबिटिक रेटिनोपैथी: वाराणसी में मधुमेह से होने वाले अंधेपन का बढ़ता खतरा | डॉ. शांतनु गुप्ता

चिकित्सकीय समीक्षा: Dr. Shantanu Kumar Gupta· 5 मिनट पढ़ें

यदि आपको डायबिटीज है, तो आपकी आंखों की रेटिना भी खतरे में हो सकती है। डायबिटिक रेटिनोपैथी अक्सर बिना किसी शुरुआती लक्षण के विकसित होती है। हर मधुमेह रोगी को वर्ष में कम से कम एक बार रेटिना की जांच करानी चाहिए। समय पर जांच, OCT, रेटिना लेजर और आधुनिक इंजेक्शन उपचार से अधिकांश मामलों में दृष्टि को बचाया जा सकता है।

वाराणसी और पूर्वांचल में मधुमेह तेजी से बढ़ रहा है—क्या आपकी आंखें सुरक्षित हैं?

पिछले कुछ वर्षों में वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर, मिर्जापुर, भदोही, सोनभद्र, बलिया और पूरे पूर्वांचल में मधुमेह (डायबिटीज) के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बदलती जीवनशैली, कम शारीरिक गतिविधि, तनाव, अनियमित खान-पान और बढ़ता मोटापा इस समस्या को और गंभीर बना रहे हैं।

लेकिन सबसे चिंताजनक बात यह है कि अधिकांश मरीज यह जानते ही नहीं कि डायबिटीज आंखों की रेटिना को भी नुकसान पहुंचाती है।

मेरे पास शांतनु नेत्रालय, वाराणसी में प्रतिदिन ऐसे मरीज आते हैं जो वर्षों से डायबिटीज की दवा ले रहे होते हैं, लेकिन उन्होंने कभी रेटिना की जांच नहीं करवाई होती। कई बार वे तब आते हैं जब उनकी एक आंख की रोशनी काफी कम हो चुकी होती है।

दुखद बात यह है कि यदि समय पर जांच कराई जाती, तो अधिकांश मामलों में उनकी दृष्टि बचाई जा सकती थी।

पूर्वांचल में क्यों बढ़ रही है यह समस्या?

पूर्वांचल के ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में कुछ सामान्य समस्याएं देखने को मिलती हैं—

डायबिटीज का देर से पता चलना वर्षों तक HbA1c की जांच न कराना आंखों की नियमित जांच को आवश्यक न समझना केवल चश्मा बदलवाकर संतुष्ट हो जाना धुंधला दिखने पर पहले स्थानीय दवा लेना और रेटिना विशेषज्ञ तक देर से पहुंचना

यही कारण है कि कई मरीज पहली बार तब आते हैं जब रेटिना में रक्तस्राव (Bleeding), मैक्युलर सूजन (Macular Edema) या रेटिना डिटैचमेंट जैसी गंभीर समस्याएं विकसित हो चुकी होती हैं।

वाराणसी के मरीजों के लिए मेरी सलाह

यदि आपको डायबिटीज है, तो चाहे आपकी दृष्टि बिल्कुल सामान्य क्यों न हो—

हर वर्ष कम से कम एक बार रेटिना की जांच अवश्य कराएं।

यदि आपको इनमें से कोई भी समस्या है, तो जांच और भी आवश्यक हो जाती है—

डायबिटीज 5 वर्ष या उससे अधिक समय से है HbA1c लगातार अधिक रहता है ब्लड प्रेशर भी है किडनी की बीमारी है अचानक धुंधला दिखाई देना शुरू हो गया है आंखों के सामने काले धब्बे या जाले दिखाई देते हैं शांतनु नेत्रालय, वाराणसी में उपलब्ध आधुनिक सुविधाएं

डायबिटिक रेटिनोपैथी की समय पर पहचान और उपचार के लिए हमारे यहां उपलब्ध हैं—

डिजिटल रेटिना जांच OCT (Optical Coherence Tomography) Fundus Photography Retina Laser Intravitreal Anti-VEGF Injections उन्नत रेटिना परामर्श एवं फॉलो-अप

हमारा उद्देश्य केवल इलाज करना नहीं, बल्कि पूर्वांचल में मधुमेह से होने वाले अंधेपन को रोकना है।

डॉ. शांतनु गुप्ता का संदेश

"आज वाराणसी और पूर्वांचल में मोतियाबिंद से होने वाला अंधापन पहले की तुलना में काफी हद तक नियंत्रित किया जा चुका है। लेकिन अब डायबिटीज से होने वाला अंधापन तेजी से बढ़ रहा है। यदि हम नियमित रेटिना जांच को अपनी आदत बना लें, तो हजारों लोगों की आंखों की रोशनी बचाई जा सकती है।

डायबिटीज का इलाज केवल शुगर कंट्रोल करना नहीं है—आंखों की नियमित जांच भी उतनी ही आवश्यक है।"

यदि आपको या आपके परिवार में किसी को डायबिटीज है, तो रेटिना की जांच में देर न करें। समय पर जांच ही आपकी दृष्टि बचा सकती है।

FAQ

क्या हर डायबिटीज मरीज को आंखों की जांच करानी चाहिए?

हाँ। हर मधुमेह रोगी को वर्ष में कम से कम एक बार रेटिना की विस्तृत जांच अवश्य करानी चाहिए, चाहे देखने में कोई परेशानी न हो।

क्या डायबिटिक रेटिनोपैथी का इलाज संभव है?

हाँ। यदि बीमारी का समय पर पता चल जाए, तो आधुनिक इंजेक्शन, रेटिना लेजर और अन्य उपचारों से बीमारी को नियंत्रित किया जा सकता है तथा दृष्टि बचाई जा सकती है।

डायबिटिक रेटिनोपैथी के शुरुआती लक्षण क्या हैं?

शुरुआती अवस्था में अक्सर कोई लक्षण नहीं होते। बाद में धुंधला दिखाई देना, काले धब्बे दिखना, सीधी रेखाओं का टेढ़ा दिखना या अचानक दृष्टि कम होना इसके संकेत हो सकते हैं।

क्या डायबिटीज से स्थायी अंधापन हो सकता है?

हाँ। यदि समय पर जांच और इलाज न कराया जाए, तो डायबिटिक रेटिनोपैथी स्थायी अंधेपन का कारण बन सकती है।

डायबिटीज में आंखों की जांच कितने समय में करानी चाहिए?

कम से कम वर्ष में एक बार। यदि रेटिना में बीमारी पाई जाती है, तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार अधिक बार जांच करानी चाहिए।

चिकित्सकीय अस्वीकरण

यह लेख रोगी शिक्षा के उद्देश्य से है। यह व्यक्तिगत चिकित्सकीय सलाह, जाँच या निदान का विकल्प नहीं है। यदि आपमें यहाँ चर्चा किए गए लक्षण हैं, तो कृपया किसी योग्य ophthalmologist से व्यक्तिगत परामर्श बुक करें।

इस लेख के बारे में कोई प्रश्न है?

Dr. Shantanu हर प्रश्न की व्यक्तिगत समीक्षा करते हैं — आमतौर पर कुछ ही घंटों में।

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Dr. Shantanu Kumar Gupta
लिखा व चिकित्सकीय रूप से समीक्षित
Dr. Shantanu Kumar Gupta
MBBS, MS, DNB, FICO (Merit)

Shantanu Netralaya Eye Hospital, Varanasi में Consultant Ophthalmologist। New Delhi (MAMC / Guru Nanak Eye Centre) से प्रशिक्षित cataract, cornea और medical retina विशेषज्ञ। FICO (Merit).