वाराणसी और पूर्वांचल में मोतियाबिंद का ऑपरेशन — मरीज़ों के लिए पूरी जानकारी
वाराणसी, चंदौली, ग़ाज़ीपुर, जौनपुर, मिर्ज़ापुर और पूरे पूर्वांचल के परिवारों के लिए आधुनिक मोतियाबिंद सर्जरी की सरल और साफ़ गाइड — MICS तकनीक से लेकर सही लेंस चुनने और खर्च समझने तक।
हर हफ़्ते हमारे कबीर नगर OPD में कई परिवार आते हैं — कोई अपने बाबूजी को लेकर, कोई अम्माजी को — जिनकी सुबह की अख़बार अब धुंधले से साए में बदल गई है। वे तीन सवाल हमेशा एक ही क्रम में पूछते हैं: क्या ऑपरेशन ज़रूरी है? क्या फिर से साफ़ दिखेगा? कौन सा लेंस लगवाएँ? यह गाइड उन सवालों के जवाब देती है — और उन सवालों के भी जो शायद आपके मन में अभी आए ही नहीं।
क्या आपको सच में मोतियाबिंद का ऑपरेशन चाहिए?
मोतियाबिंद यानी आँख के अपने लेंस का धुंधला होना — यह उम्र, धूप और शुगर की वजह से होता है। पुरानी सलाह — "मोतियाबिंद पकने दो" — अब पूरी तरह बेकार हो चुकी है। आधुनिक ऑपरेशन तब सबसे आसान और सुरक्षित होता है जब लेंस अभी पत्थर जैसा कड़ा न हुआ हो। अगर पढ़ना, सारनाथ तक गाड़ी चलाना, या कमरे के उस पार अपने पोते-पोती का चेहरा देखना मुश्किल हो गया है — तो अब ऑपरेशन के बारे में सोचने का वक़्त आ गया है।
ख़तरे के संकेत कि मोतियाबिंद बहुत ज़्यादा देर हो गई
- पढ़ने के लिए एक आँख बंद करनी पड़ती है
- रात को गाड़ी चलाना ख़तरनाक हो गया है
- आपके नेत्र चिकित्सक ने बताया कि लेंस सफ़ेद या भूरा होने लगा है
- स्कूटर की हेडलाइट के आसपास चकाचौंध और गोले दिखते हैं
शांतनु नेत्रालय में मोतियाबिंद का ऑपरेशन कैसे होता है
हम MICS (माइक्रो-इन्सीज़न कैटरेक्ट सर्जरी) करते हैं — एक बेहद छोटे से बिना टाँके वाले चीरे से phacoemulsification। हमारे लगभग 100% सामान्य ऑपरेशन topical anaesthesia (सिर्फ़ सुन्न करने वाली बूँदों) से होते हैं — आँख के आसपास कोई इंजेक्शन नहीं। पूरा ऑपरेशन लगभग 12–15 मिनट का होता है और मरीज़ आने के 2 घंटे के भीतर घर जा सकते हैं।
सही IOL चुनना — सबसे ज़रूरी फ़ैसला
लेंस का इम्प्लांट ज़िंदगी भर के लिए होता है। अच्छा चुनाव करना, ऑपरेशन की फ़ीस में कुछ हज़ार रुपये बचाने से कहीं ज़्यादा ज़रूरी है। शांतनु नेत्रालय में हर स्तर का IOL उपलब्ध है:
- Standard monofocal — अकेला ऐसा विकल्प जो Ayushman Bharat (PM-JAY) में पूरी तरह कवर होता है। पढ़ने के लिए चश्मा लगेगा।
- Aspheric monofocal — रात में ज़्यादा साफ़ दिखाई देता है, फिर भी एक ही फ़ोकस।
- Extended monofocal — बीच की दूरी बेहतर, जेब पर भी हल्का।
- Toric monofocal — monofocal में ही astigmatism (तिरछापन) भी ठीक करता है।
- EDOF (Extended Depth of Focus) — कंप्यूटर की दूरी और डैशबोर्ड देखने के लिए अच्छा, चकाचौंध कम।
- Trifocal / Panoptix — दूर, कंप्यूटर और पास — तीनों के लिए सच्ची चश्मा-आज़ादी, उपयुक्त आँखों के लिए।
आपके लिए कौन सा सही है — यह आपकी रोज़मर्रा की ज़िंदगी, आँख की सेहत और बजट पर निर्भर करता है। हमारे IOL Selector सूट से एक गाइडेड सुझाव पाएँ, या पूरी पारदर्शी प्राइस लिस्ट पढ़ें।
शांतनु नेत्रालय में मोतियाबिंद ऑपरेशन का खर्च
IOL + ऑपरेशन, एक आँख का खर्च:
- Standard monofocal: ₹18,000 – ₹25,000 (Ayushman Bharat में कवर)
- Aspheric monofocal: ₹25,000 – ₹35,000
- Extended monofocal: ₹40,000 – ₹45,000
- Toric monofocal: ₹40,000 – ₹60,000
- EDOF: ₹50,000 – ₹1,00,000
- Trifocal / Panoptix: ₹70,000 – ₹1,10,000
Biometry, दवाइयाँ, OPD विज़िट और YAG capsulotomy अलग से बिल होते हैं। हम Ayushman Bharat (PM-JAY) में empanelled हैं और ज़्यादातर बड़ी प्राइवेट बीमा कंपनियों के TPA के साथ कैशलेस सुविधा देते हैं। पहली मुलाक़ात पर अपना कार्ड लेकर आएँ — हमारी टीम ऑपरेशन के दिन से पहले सारी कागज़ी कार्रवाई कर देती है।
हम किस उपकरण का इस्तेमाल करते हैं
सटीक नाप ही अच्छे ऑपरेशन की नींव है। शांतनु नेत्रालय में हम optical और immersion biometers, OCT (Huvitz), ultrasound A- और B-scan, non-contact tonometry, एक Swiss phaco system और मरीज़ की अतिरिक्त सुरक्षा के लिए OMNIGLO के साथ German Zeiss microscope का उपयोग करते हैं। ऑपरेशन के बाद की देखभाल और जटिलताओं के लिए हमारे पास retina green laser और YAG laser भी उपलब्ध हैं।
ठीक होने का सिलसिला — ऑपरेशन के बाद असली ज़िंदगी कैसी होती है
पहला दिन: हल्की आँसू आना, थोड़ी किरकिरी। दिखना आमतौर पर पहले से ही बेहतर हो जाता है।
तीसरे से सातवें दिन: हल्का काम, पढ़ना, TV देखना शुरू।
पंद्रहवाँ दिन: गाड़ी चलाना, मंदिर जाना, सुबह की सैर।
तीसवाँ दिन: पूरी गतिविधि — तैराकी, जिम, खेती।
चार सीधे नियम: तय समय पर आँख की बूँदें डालें, पहली तीन रातें आँख पर shield लगाकर सोएँ, 10 दिन तक आँख में सीधे पानी न जाने दें, और आँख को बिल्कुल न मलें।
पूर्वांचल के परिवारों के आम सवाल
क्या दोनों आँखें एक ही दिन?
आमतौर पर पहले एक आँख, फिर 3–14 दिन बाद दूसरी। यह फ़ासला इसलिए रखते हैं ताकि दूसरा IOL finalise करने से पहले यह पक्का हो जाए कि पहले का नंबर एकदम सही था।
क्या ऑपरेशन के बाद एकादशी / करवाचौथ का व्रत रख सकते हैं?
हाँ — खाने-पीने की पाबंदी ठीक है। बस आँख को मलने और धूल-मिट्टी से बचाना ज़रूरी है।
अगर शुगर है तो?
शुगर के मरीज़ों में मोतियाबिंद का ऑपरेशन सुरक्षित है जब blood sugar 200 mg/dL से कम हो। ऑपरेशन से पहले पर्दे (retina) की जाँच ज़रूरी है — हम उसी अपॉइंटमेंट में कर देते हैं।
अपना assessment बुक करें
विस्तृत जाँच (लगभग 90 मिनट, biometry और OCT शामिल) सोमवार से शनिवार, सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक। बुकिंग के लिए WhatsApp करें +91 83186 65154, या हमारा contact form भरें। चंदौली, ग़ाज़ीपुर, मिर्ज़ापुर, जौनपुर या बिहार से आ रहे हैं? सुबह जल्दी वाले slot और उसी दिन वापसी की योजना के लिए हमारी पूर्वांचल और बिहार catchment गाइड देखें।
— Dr. Shantanu Kumar Gupta, MBBS, MS, DNB, FICO (Merit). शांतनु नेत्रालय, कबीर नगर, वाराणसी।
This article is for patient education. It is not a substitute for personalised medical advice, examination or diagnosis. If you have symptoms discussed here, please book an in-person consultation with a qualified ophthalmologist.
डॉ. शांतनु हर पूछताछ की व्यक्तिगत रूप से समीक्षा करते हैं — आमतौर पर कुछ ही घंटों में।
व्हाट्सएप पर संदेश भेजेंConsultant Ophthalmologist at Shantanu Netralaya Eye Hospital, Varanasi. New Delhi (MAMC / Guru Nanak Eye Centre) trained cataract, cornea and medical retina specialist. FICO (Merit).
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