मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए कौन-सा लेंस सबसे अच्छा है? Monofocal, Multifocal और EDOF लेंस में क्या अंतर है?
मोतियाबिंद ऑपरेशन में लगाया जाने वाला लेंस (IOL) आपकी उम्र, जीवनशैली, आँखों की स्थिति और रोज़मर्रा की ज़रूरतों के अनुसार चुना जाता है। Monofocal लेंस दूर की स्पष्ट दृष्टि देता है, Multifocal लेंस चश्मे पर निर्भरता कम करता है, जबकि EDOF लेंस दूर और मध्यम दूरी दोनों के लिए बेहतरीन विकल्प माना जाता है।
मोतियाबिंद का ऑपरेशन केवल धुंधला लेंस हटाने तक सीमित नहीं है
आज की आधुनिक कैटरैक्ट सर्जरी में केवल धुंधला लेंस निकालना ही उद्देश्य नहीं होता, बल्कि उसकी जगह ऐसा कृत्रिम लेंस लगाया जाता है जिससे मरीज की जीवनशैली के अनुसार बेहतर दृष्टि मिल सके।
इसी कारण मरीज अक्सर पूछते हैं—
"डॉक्टर साहब, मेरे लिए सबसे अच्छा लेंस कौन-सा रहेगा?"
इसका उत्तर हर व्यक्ति के लिए अलग होता है।
IOL (Intraocular Lens) क्या होता है?
मोतियाबिंद के ऑपरेशन में आँख का धुंधला प्राकृतिक लेंस निकालकर उसकी जगह एक कृत्रिम लेंस लगाया जाता है जिसे IOL (Intraocular Lens) कहा जाता है।
यह लेंस जीवनभर आँख में रहता है और सामान्यतः इसे बदलने की आवश्यकता नहीं पड़ती।
Monofocal Lens
यह सबसे अधिक उपयोग किया जाने वाला लेंस है।
इससे सामान्यतः दूर की दृष्टि बहुत अच्छी हो जाती है, लेकिन पढ़ने के लिए चश्मे की आवश्यकता पड़ सकती है।
किन लोगों के लिए बेहतर? डायबिटीज़ के मरीज रेटिना की बीमारी वाले मरीज ग्लूकोमा के मरीज जो कम खर्च में बेहतरीन दृष्टि चाहते हैं फायदे
✔ उत्कृष्ट विज़न
✔ कम ग्लेयर
✔ लंबे समय से प्रमाणित तकनीक
Multifocal Lens
यह लेंस दूर और पास दोनों दूरी पर देखने में मदद करता है।
कई मरीज ऑपरेशन के बाद बिना चश्मे के अधिकांश कार्य कर सकते हैं।
किन लोगों के लिए? पढ़ने का अधिक काम ऑफिस कर्मचारी मोबाइल एवं लैपटॉप का अधिक उपयोग सक्रिय जीवनशैली संभावित सीमाएँ रात में हल्का Halo Glare Contrast Sensitivity थोड़ी कम हो सकती है EDOF Lens
EDOF (Extended Depth of Focus) आधुनिक तकनीक वाला लेंस है।
यह दूर तथा मध्यम दूरी दोनों पर उत्कृष्ट दृष्टि प्रदान करता है।
रात में गाड़ी चलाने वाले मरीजों के लिए भी यह अच्छा विकल्प हो सकता है।
कौन-सा लेंस आपके लिए सही रहेगा?
इसका निर्णय निम्नलिखित बातों के आधार पर किया जाता है—
रेटिना की स्थिति कॉर्निया डायबिटीज़ चश्मे का नंबर जीवनशैली पेशा आपकी अपेक्षाएँ
इसीलिए हर मरीज के लिए अलग लेंस चुना जाता है।
क्या सबसे महंगा लेंस ही सबसे अच्छा होता है?
नहीं।
यदि किसी मरीज की रेटिना में समस्या है तो महंगा प्रीमियम लेंस भी अपेक्षित परिणाम नहीं दे सकता।
इसलिए सही मरीज के लिए सही लेंस का चुनाव सबसे महत्वपूर्ण होता है।
ऑपरेशन से पहले रेटिना की जांच क्यों ज़रूरी है?
रेटिना की कई बीमारियाँ पहले से मौजूद हो सकती हैं।
ऐसी स्थिति में OCT तथा विस्तृत रेटिना जांच करके सही लेंस का चयन किया जाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न क्या लेंस दोबारा बदलना पड़ता है?
सामान्यतः नहीं।
क्या प्रीमियम लेंस सभी को लग सकता है?
नहीं, यह मरीज की आँखों की स्थिति पर निर्भर करता है।
क्या ऑपरेशन के बाद चश्मा पूरी तरह हट जाएगा?
यह चुने गए लेंस तथा आपकी आँखों की स्थिति पर निर्भर करता है।
निष्कर्ष
आज मोतियाबिंद सर्जरी में कई प्रकार के आधुनिक लेंस उपलब्ध हैं। सही लेंस का चुनाव केवल कीमत देखकर नहीं, बल्कि आपकी आँखों की पूरी जाँच, रेटिना की स्थिति और जीवनशैली को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए। अनुभवी नेत्र विशेषज्ञ की सलाह से चुना गया उचित लेंस लंबे समय तक बेहतर दृष्टि और बेहतर जीवन गुणवत्ता प्रदान कर सकता है।
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This article is for patient education. It is not a substitute for personalised medical advice, examination or diagnosis. If you have symptoms discussed here, please book an in-person consultation with a qualified ophthalmologist.
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Message on WhatsAppConsultant Ophthalmologist at Shantanu Netralaya Eye Hospital, Varanasi. New Delhi (MAMC / Guru Nanak Eye Centre) trained cataract, cornea and medical retina specialist. FICO (Merit).
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