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Ayushman Bharat Cataract Surgery in Varanasi | आयुष्मान कार्ड से मोतियाबिंद का ऑपरेशन

चिकित्सकीय समीक्षा: Dr. Shantanu Kumar Guptaअंतिम अपडेट 01 Jan 2025· 5 मिनट पढ़ें

वाराणसी में आयुष्मान भारत के तहत मोतियाबिंद की सर्जरी की पूरी जानकारी। जानें पात्रता, जरूरी दस्तावेज, लेंस, ऑपरेशन प्रक्रिया, खर्च, दवाइयाँ और FAQs।

वाराणसी में आयुष्मान भारत के तहत मोतियाबिंद का ऑपरेशन: मरीजों के महत्वपूर्ण सवाल और जवाब

अगर आपको या आपके परिवार के किसी सदस्य को मोतियाबिंद (Cataract) है और आपके पास आयुष्मान भारत कार्ड है, तो आपके मन में कई सवाल हो सकते हैं—क्या ऑपरेशन आयुष्मान के तहत होगा? कौन-कौन से खर्चे शामिल हैं? कौन सा लेंस लगाया जाएगा? अस्पताल में कितने घंटे रहना पड़ेगा? और ऑपरेशन के लिए कौन-कौन से दस्तावेज लेकर आने होंगे?

शांतनु नेत्रालय, Eye Hospital, वाराणसी में पात्र आयुष्मान भारत लाभार्थियों के लिए मोतियाबिंद की सर्जरी आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत की जाती है।

इस लेख में आयुष्मान भारत के तहत मोतियाबिंद के ऑपरेशन से जुड़े महत्वपूर्ण सवालों के जवाब सरल भाषा में दिए गए हैं।

अस्पताल: शांतनु नेत्रालय, Eye Hospital, वाराणसी
पता: 40, दीन दयाल कॉलोनी, कबीर नगर रोड, वाराणसी


1. क्या वाराणसी में आयुष्मान भारत के तहत मोतियाबिंद का ऑपरेशन हो सकता है?

हाँ। यदि आप आयुष्मान भारत योजना के लिए पात्र हैं, तो योजना के अंतर्गत मोतियाबिंद की सर्जरी कराई जा सकती है।

शांतनु नेत्रालय, Eye Hospital, वाराणसी में पात्र मरीजों के लिए आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत मोतियाबिंद सर्जरी की सुविधा उपलब्ध है।

हालाँकि, योजना के अंतर्गत मिलने वाली सुविधाएँ सरकार द्वारा निर्धारित पैकेज और नियमों के अनुसार होती हैं।


2. आयुष्मान भारत के तहत मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने के लिए कौन-कौन से दस्तावेज लाने होंगे?

जब आप पहली बार अस्पताल की OPD में दिखाने आएँ, तो अपने साथ ये तीन दस्तावेज अवश्य लेकर आएँ:

  • आयुष्मान भारत कार्ड

  • आधार कार्ड

  • राशन कार्ड

इन दस्तावेजों के आधार पर आपकी पात्रता और कार्ड का सत्यापन किया जाता है।


3. क्या अस्पताल में आयुष्मान कार्ड की पात्रता की जाँच की जाती है?

हाँ। आपकी आयुष्मान पात्रता और कार्ड का सत्यापन OPD में ही किया जाता है।

OPD में डॉक्टर आपकी आँखों की जाँच करेंगे और यह तय किया जाएगा कि आपको मोतियाबिंद की सर्जरी की आवश्यकता है या नहीं।

इसके बाद आयुष्मान योजना के तहत आगे की प्रक्रिया शुरू की जाती है।


4. क्या OPD में डॉक्टर को दिखाने का शुल्क नहीं लगता?

नहीं।

यह एक महत्वपूर्ण बात है जिसे मरीजों को पहले से समझना चाहिए।

ऑपरेशन से पहले की OPD विजिट का शुल्क लिया जाता है।

आयुष्मान भारत के अंतर्गत मोतियाबिंद की सर्जरी होने का अर्थ यह नहीं है कि ऑपरेशन से पहले की हर OPD विजिट निःशुल्क होगी।


5. क्या ऑपरेशन से पहले होने वाली सभी जाँचें निःशुल्क होती हैं?

जरूरी नहीं।

ऑपरेशन से पहले होने वाली कुछ जाँचों के लिए शुल्क लिया जा सकता है, जबकि कुछ जाँचें योजना या अस्पताल की प्रक्रिया के अनुसार अलग तरीके से शामिल हो सकती हैं।

इसलिए मरीज को अपनी आवश्यक जाँचों और उनके शुल्क के बारे में अस्पताल में जानकारी दी जाएगी।


6. आयुष्मान भारत में मोतियाबिंद के ऑपरेशन वाले दिन क्या-क्या निःशुल्क होता है?

पात्र मरीज के लिए आयुष्मान भारत के अंतर्गत स्वीकृत सर्जरी पैकेज के अनुसार ऑपरेशन वाले दिन की निर्धारित सर्जिकल प्रक्रिया बिना अलग ऑपरेशन शुल्क के की जाती है।

इसमें निर्धारित मोतियाबिंद सर्जरी और योजना के अंतर्गत स्वीकृत लेंस (IOL) शामिल होता है।


7. आयुष्मान भारत में मोतियाबिंद के ऑपरेशन में कौन सा लेंस लगाया जाता है?

यह एक बहुत महत्वपूर्ण जानकारी है।

आयुष्मान भारत के तहत मोतियाबिंद सर्जरी में सरकार द्वारा अनुमोदित बेसिक फोल्डेबल हाइड्रोफोबिक IOL उपलब्ध होता है।

यह एक भारतीय कंपनी का अनुमोदित फोल्डेबल लेंस होता है।

आयुष्मान पैकेज में प्रीमियम या उन्नत श्रेणी के लेंस शामिल नहीं होते।


8. क्या आयुष्मान भारत के तहत प्रीमियम लेंस लगवाया जा सकता है?

नहीं।

आयुष्मान भारत के निर्धारित पैकेज के अंतर्गत केवल अनुमोदित बेसिक लेंस ही लगाया जा सकता है।

यदि कोई मरीज प्रीमियम IOL, मल्टीफोकल, EDOF, टोरिक या अन्य उन्नत लेंस लगवाना चाहता है, तो उसके लिए आयुष्मान पैकेज के बाहर की सर्जरी के विकल्प के बारे में अस्पताल से सीधे संपर्क करना होगा।

मरीज को यह बात ऑपरेशन से पहले स्पष्ट रूप से समझ लेनी चाहिए।


9. ऑपरेशन वाले दिन अस्पताल में क्या प्रक्रिया होती है?

जिस दिन आपकी सर्जरी निर्धारित होती है, उस दिन आपको अस्पताल सुबह लगभग 10:30 बजे या अस्पताल द्वारा बताए गए समय पर जल्दी पहुँचना चाहिए।

इसके बाद सामान्यतः निम्न प्रक्रिया होती है:

  1. मरीज का पंजीकरण और आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन।

  2. आयुष्मान योजना से संबंधित आवश्यक प्रक्रिया पूरी करना।

  3. सर्जरी के लिए पूर्व-प्राधिकरण (Pre-authorization) भेजना।

  4. Pre-authorization की स्वीकृति की प्रतीक्षा करना।

  5. स्वीकृति मिलने के बाद सर्जरी की तैयारी।

  6. मोतियाबिंद का ऑपरेशन।

  7. ऑपरेशन के बाद कुछ समय तक निगरानी।

  8. मरीज की स्थिति ठीक होने पर उसी दिन छुट्टी।

पूरी प्रक्रिया में लगने वाला समय मरीज और स्वीकृति प्रक्रिया के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।


10. Pre-authorization क्या होता है?

पूर्व-प्राधिकरण (Pre-authorization) आयुष्मान योजना के अंतर्गत सर्जरी से पहले की जाने वाली स्वीकृति प्रक्रिया है।

मरीज की आवश्यक जानकारी और सर्जरी से संबंधित विवरण आयुष्मान पोर्टल पर भेजे जाते हैं और योजना के अंतर्गत सर्जरी के लिए स्वीकृति ली जाती है।

आमतौर पर यह स्वीकृति लगभग 30 मिनट से 4 घंटे के भीतर आ सकती है, लेकिन वास्तविक समय परिस्थितियों के अनुसार कम या अधिक हो सकता है।

स्वीकृति मिलने के बाद मरीज को सर्जरी के लिए आगे लिया जाता है।


11. ऑपरेशन वाले दिन मरीज को अस्पताल में कितने घंटे रहना पड़ता है?

आयुष्मान भारत के तहत मोतियाबिंद की सर्जरी सामान्यतः उसी दिन पूरी होकर मरीज को छुट्टी दे दी जाती है।

हालाँकि, मरीज को अस्पताल में लगभग 4–5 घंटे रहना पड़ सकता है।

इस समय में मरीज की तैयारी, आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया, सर्जरी और ऑपरेशन के बाद की निगरानी शामिल होती है।

मरीज की स्थिति ठीक होने पर उसे उसी दिन घर भेज दिया जाता है।


12. आयुष्मान भारत की प्रक्रिया में मरीज की फोटो क्यों ली जाती है?

आयुष्मान भारत की प्रक्रिया में मरीज की पहचान और उपचार से संबंधित दस्तावेजीकरण के लिए पोर्टल पर अलग-अलग चरणों में फोटो अपलोड करनी पड़ सकती हैं।

इसलिए मरीज की अलग-अलग स्थानों और चरणों पर फोटो ली जा सकती है।

इनमें डॉक्टर के साथ सत्यापन और प्रक्रिया से संबंधित फोटो भी शामिल हो सकती हैं।

यह आयुष्मान योजना की दस्तावेजी प्रक्रिया का हिस्सा है।


13. क्या ऑपरेशन के बाद की दवाइयाँ निःशुल्क मिलती हैं?

हाँ, योजना के अंतर्गत निर्धारित बेसिक पोस्ट-ऑपरेटिव दवाइयाँ मरीज को दी जाती हैं।

आमतौर पर ऑपरेशन के बाद लगभग 5–7 दिनों की बेसिक दवाइयाँ निःशुल्क दी जाती हैं।


14. क्या ऑपरेशन के बाद पहला चेकअप भी निःशुल्क होता है?

नहीं।

पहली पोस्ट-ऑपरेटिव जाँच निःशुल्क नहीं है।

इसलिए मरीज को ऑपरेशन के बाद होने वाली फॉलो-अप विजिट के संबंध में अस्पताल से लागू शुल्क और समय की जानकारी लेनी चाहिए।


15. क्या आयुष्मान पैकेज में प्रीमियम लेंस के लिए अतिरिक्त पैसे देकर लेंस अपग्रेड कराया जा सकता है?

आयुष्मान भारत के पैकेज में निर्धारित लेंस से ऊपर के प्रीमियम लेंस को केवल अतिरिक्त राशि देकर उसी पैकेज में शामिल नहीं किया जा सकता।

यदि मरीज प्रीमियम या उन्नत लेंस लगवाना चाहता है, तो उसे आयुष्मान पैकेज से अलग सामान्य प्रक्रिया के तहत सर्जरी के विकल्प के बारे में अस्पताल से सीधे संपर्क करना चाहिए।


16. क्या हर मरीज आयुष्मान भारत के तहत मोतियाबिंद का ऑपरेशन करा सकता है?

नहीं। इसके लिए मरीज का आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत पात्र होना आवश्यक है।

अस्पताल में OPD के दौरान आपकी पात्रता और आयुष्मान कार्ड का सत्यापन किया जाएगा।

इसके बाद डॉक्टर आपकी आँखों की जाँच करके यह बताएँगे कि मोतियाबिंद की सर्जरी की आवश्यकता है या नहीं।


17. क्या दोनों आँखों का मोतियाबिंद आयुष्मान भारत के तहत ऑपरेट हो सकता है?

यदि मरीज योजना के अंतर्गत पात्र है, तो दोनों आँखों के उपचार की संभावना योजना के लागू नियमों और स्वीकृत पैकेज के अनुसार निर्धारित होगी।

दोनों आँखों की सर्जरी एक साथ या अलग-अलग समय पर होनी चाहिए या नहीं, यह मरीज की आँखों की स्थिति और लागू योजना के नियमों के अनुसार तय किया जाता है।

इसके लिए अस्पताल में व्यक्तिगत रूप से जानकारी लेना उचित है।


18. आयुष्मान भारत के तहत मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने से पहले मरीज को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

सबसे महत्वपूर्ण बातें:

  • OPD में पहली जाँच के लिए आयुष्मान कार्ड, आधार कार्ड और राशन कार्ड लेकर आएँ।

  • ऑपरेशन से पहले की OPD विजिट के लिए शुल्क लागू हो सकता है।

  • कुछ प्री-ऑपरेटिव जाँचों के लिए शुल्क लिया जा सकता है।

  • ऑपरेशन वाले दिन जल्दी अस्पताल पहुँचें।

  • लगभग 4–5 घंटे अस्पताल में रहने के लिए तैयार रहें।

  • आयुष्मान प्रक्रिया के लिए अलग-अलग चरणों में फोटो ली जा सकती है।

  • आयुष्मान पैकेज में निर्धारित बेसिक फोल्डेबल हाइड्रोफोबिक IOL ही उपलब्ध है।

  • प्रीमियम लेंस आयुष्मान पैकेज में शामिल नहीं हैं।

  • ऑपरेशन के बाद लगभग 5–7 दिनों की बेसिक दवाइयाँ दी जाती हैं।

  • पहला पोस्ट-ऑपरेटिव चेकअप निःशुल्क नहीं है।

  • आयुष्मान योजना के लाभ और पैकेज सरकार के लागू नियमों एवं स्वीकृति के अधीन हैं।


वाराणसी में आयुष्मान भारत के तहत मोतियाबिंद का ऑपरेशन

मोतियाबिंद के कारण धुंधला दिखाई देना, रात में देखने में परेशानी, चश्मे के नंबर में बार-बार बदलाव या रोजमर्रा के कामों में कठिनाई हो सकती है। पात्र मरीजों के लिए आयुष्मान भारत योजना मोतियाबिंद की सर्जरी को अधिक सुलभ बनाने में मदद करती है।

यदि आपके पास आयुष्मान भारत कार्ड है और आपको मोतियाबिंद है, तो आप शांतनु नेत्रालय, Eye Hospital, वाराणसी में OPD में अपनी आँखों की जाँच और आयुष्मान पात्रता सत्यापन के लिए संपर्क कर सकते हैं।

शांतनु नेत्रालय, Eye Hospital, वाराणसी
पता: 40, कमा, दीन दयाल कॉलोनी, कबीर नगर रोड, वाराणसी

महत्वपूर्ण: आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत पात्रता, पैकेज, स्वीकृति और शामिल सुविधाएँ सरकार के वर्तमान नियमों के अनुसार निर्धारित होती हैं। सर्जरी से पहले अस्पताल से वर्तमान लागू नियमों और कवरेज की पुष्टि अवश्य करें।

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चिकित्सकीय अस्वीकरण

यह लेख रोगी शिक्षा के उद्देश्य से है। यह व्यक्तिगत चिकित्सकीय सलाह, जाँच या निदान का विकल्प नहीं है। यदि आपमें यहाँ चर्चा किए गए लक्षण हैं, तो कृपया किसी योग्य ophthalmologist से व्यक्तिगत परामर्श बुक करें।

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Dr. Shantanu हर प्रश्न की व्यक्तिगत समीक्षा करते हैं — आमतौर पर कुछ ही घंटों में।

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Dr. Shantanu Kumar Gupta
लिखा व चिकित्सकीय रूप से समीक्षित
Dr. Shantanu Kumar Gupta
MBBS, MS, DNB, FICO (Merit)

Shantanu Netralaya Eye Hospital, Varanasi में Consultant Ophthalmologist। New Delhi (MAMC / Guru Nanak Eye Centre) से प्रशिक्षित cataract, cornea और medical retina विशेषज्ञ। FICO (Merit).