Skip to main content
Blog
RETINA

यदि आपको डायबिटीज़ है तो हर साल रेटिना की जांच क्यों करानी चाहिए, भले ही आपकी दृष्टि बिल्कुल सामान्य हो?

Medically reviewed by Dr. Shantanu Kumar GuptaLast updated 01 Jan 2026· 5 min read

डायबिटीज़ रेटिना को बिना किसी शुरुआती लक्षण के नुकसान पहुँचा सकती है। इसलिए यदि आपकी दृष्टि सामान्य भी है, तब भी हर वर्ष रेटिना की जांच करवाना आवश्यक है ताकि डायबिटिक रेटिनोपैथी का समय रहते पता लगाकर इलाज किया जा सके।

केवल साफ दिखाई देना स्वस्थ आँखों की गारंटी नहीं है

बहुत से मरीज सोचते हैं—

"मुझे तो साफ दिखाई दे रहा है, इसलिए मेरी आँखें बिल्कुल ठीक हैं।"

लेकिन डायबिटिक रेटिनोपैथी अक्सर बिना किसी लक्षण के शुरू होती है।

जब तक दृष्टि कम होने लगती है, तब तक रेटिना को काफी नुकसान हो चुका होता है।

डायबिटीज़ रेटिना को कैसे प्रभावित करती है?

लगातार बढ़ी हुई ब्लड शुगर रेटिना की सूक्ष्म रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुँचाती है।

इससे—

खून रिस सकता है सूजन आ सकती है नई असामान्य रक्त वाहिकाएँ बन सकती हैं रेटिना को स्थायी नुकसान हो सकता है शुरुआती लक्षण अक्सर नहीं होते

प्रारंभिक अवस्था में अधिकांश मरीजों को कोई परेशानी महसूस नहीं होती।

बाद में निम्नलिखित समस्याएँ हो सकती हैं—

धुंधला दिखाई देना आँखों के सामने काले धब्बे (Floaters) पढ़ने में कठिनाई टेढ़ा दिखाई देना अचानक दृष्टि कम होना किन लोगों को हर साल जांच करानी चाहिए? सभी Type 2 Diabetes के मरीज लंबे समय से Type 1 Diabetes वाले मरीज गर्भावस्था में डायबिटीज़ हाई BP वाले मरीज किडनी रोग वाले मरीज रेटिना जांच में क्या होता है?

जांच के दौरान आवश्यकता अनुसार—

दृष्टि परीक्षण Dilated Retina Examination OCT Fundus Photography Fluorescein Angiography

की जा सकती है।

यदि बीमारी मिल जाए तो क्या इलाज संभव है?

हाँ।

समय पर पहचान होने पर निम्न उपचार किए जा सकते हैं—

ब्लड शुगर नियंत्रण Anti-VEGF इंजेक्शन रेटिना लेज़र Vitrectomy Surgery (गंभीर मामलों में)

जितनी जल्दी इलाज शुरू होगा, दृष्टि बचने की संभावना उतनी अधिक होगी।

अपनी आँखों की सुरक्षा कैसे करें? HbA1c नियंत्रित रखें। ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखें। धूम्रपान से बचें। हर वर्ष रेटिना की जांच करवाएँ। दृष्टि में बदलाव होने पर तुरंत नेत्र विशेषज्ञ से मिलें। अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न मुझे कोई परेशानी नहीं है, फिर भी जांच क्यों कराऊँ?

क्योंकि शुरुआती डायबिटिक रेटिनोपैथी में सामान्यतः कोई लक्षण नहीं होते।

क्या डायबिटिक रेटिनोपैथी ठीक हो सकती है?

यदि समय रहते पहचान हो जाए तो उपचार द्वारा दृष्टि को काफी हद तक सुरक्षित रखा जा सकता है।

जांच में दर्द होता है?

नहीं। यह सामान्यतः दर्द रहित जांच होती है।

निष्कर्ष

डायबिटीज़ के कारण होने वाली रेटिना की बीमारी दृष्टि खोने के प्रमुख कारणों में से एक है, लेकिन अच्छी बात यह है कि समय पर जांच और उपचार से अधिकांश मामलों में गंभीर नुकसान से बचा जा सकता है। यदि आपको डायबिटीज़ है, तो चाहे आपकी दृष्टि सामान्य ही क्यों न हो, हर वर्ष रेटिना की जांच अवश्य कराएँ। नियमित जांच आपकी आँखों की रोशनी को लंबे समय तक सुरक्षित रखने का सबसे प्रभावी तरीका है।

#डायबिटिक रेटिनोपैथी#रेटिना जांच#डायबिटीज़ और आँखें#रेटिना विशेषज्ञ#OCT#डायबिटिक आई चेकअप#रेटिना डॉक्टर वाराणसी#डायबिटीज़ उपचार#आँखों की जांच#मेडिकल रेटिना
Related treatments at our clinic

Treatments Dr. Shantanu offers for this

Medical disclaimer

This article is for patient education. It is not a substitute for personalised medical advice, examination or diagnosis. If you have symptoms discussed here, please book an in-person consultation with a qualified ophthalmologist.

Have a question about this article?

Dr. Shantanu personally reviews every enquiry — usually within a few hours.

Message on WhatsApp
Dr. Shantanu Kumar Gupta
Written & medically reviewed by
Dr. Shantanu Kumar Gupta
MBBS, MS, DNB, FICO (Merit)

Consultant Ophthalmologist at Shantanu Netralaya Eye Hospital, Varanasi. New Delhi (MAMC / Guru Nanak Eye Centre) trained cataract, cornea and medical retina specialist. FICO (Merit).